वर्तमान अध्यक्ष

परम पूज्य गुरुदेव पं.श्रीराम शर्मा आचार्य जी के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय हेतु ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान हरिद्वार की स्थापना जून 1978 में की ।। तब से इस संस्थान के निदेशक हैं ।। इस संस्था की आधुनिक प्र योग शाला में पूज्य गुरुदेव के मार्गदर्शन में साधना के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्र योग किये जा रहे हैं ।। अभी तक शांतिकुंज आए हुए अस्सी हजार से अधिक साधकों पर यह प्र योग -परीक्षण किये जा चुके हैं ।। संस्थान सभी आवश्यक विषयों पर पचास हजार से अधिक पुस्तकों के पुस्तकालय से सुसज्जित है ।।






आदरणीय डा. प्रणव पण्ड्या
    
एम.बी.बी.एस., एम.डी. (मेडीसिन)
कुलाधिपति: देव संस्कृति विश्वविद्यालय
निदेशकः ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान
सम्पादक: अखण्ड ज्योति पत्रिका
शांतिकुंज, हरिद्वार, उत्तरांचल (भारत) पिन-249411
दूरभाष- 91-1334-260602, 260129
फैक्स-91-1334-260866
Email : pranav.pandya@awgp.org
Internet- http://www.awgp.org , http://www.dsvv.org/


व्यक्तिगत विवरण

जन्म- 8 नवम्बर 1950 (रूप चतुर्दशी)
धर्मपत्नी-...अधिक पढें
आदरणीया शैल बाला पण्ड्या
    
श्रीमती शैलबाला पण्ड्या सुपुत्री वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं.श्रीराम शर्मा एवं शक्ति स्वरूपा माता भगवती देवी शर्मा ।
प्रमुखः श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट, शांतिकुंज

वर्तमान प्रमुख (संचालिका) शांतिकुंज आश्रम - गायत्री परिवार का मुख्यालय ।
सफलता पूर्वक मुख्यालय का प्रबंध संचालन ।

धर्मपत्नी डॉ.प्रणव पण्ड्या ( कुलाधिपति-...अधिक पढें


समग्र साहित्य


हिन्दी व अंग्रेजी की पुस्तकें
व्यक्तित्व विकास ,योग,स्वास्थ्य, आध्यात्मिक विकास आदि विषय मे युगदृष्टा, वेदमुर्ति,तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने ३००० से भी अधिक सृजन किया, वेदों का भाष्य किया।
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अखण्डज्योति पत्रिका १९४० - २०११
अखण्डज्योति हिन्दी, अंग्रेजी ,मरठी भाषा में, युगशक्ति गुजराती में उपलब्ध है
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AWGP-स्टोर :- आनलाइन सेवा
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वैज्ञानिक अध्यात्मवाद

विज्ञान और अध्यात्म ज्ञान की दो धारायें हैं जिनका समन्वय आवश्यक हो गया है। विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय हि सच्चे अर्थों मे विकास कहा जा सकता है और इसी को वैज्ञानिक अध्यात्मवाद कहा जा सकता है..
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भारतीय संस्कृति

आध्यात्मिक जीवन शैली पर आधारित, मानवता के उत्थान के लिये वैज्ञानिक दर्शन और उच्च आदर्शों के आधार पर पल्लवित भारतिय संस्कृति और उसकी विभिन्न धाराओं (शास्त्र,योग,आयुर्वेद,दर्शन) का अध्ययन करें..
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प्रज्ञा आभियान पाक्षिक
समाज निर्माण एवम सांस्कृतिक पुनरूत्थान के लिये समर्पित - हिन्दी, गुजराती, मराठी एवम शिक्क्षा परिशिष्ट. पढे एवम डाऊनलोड करे

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