महाकाल के सहभागी बनें

देवियो, भाइयो! आज गुरुपूर्णिमा पर्व के महत्त्वपूर्ण पर्व पर महाकाल ने कुछ विशेष संदेश भेजा है। इनमें से पहला संदेश यह है कि युगसंधि के ये बीस साल इतने महत्त्वपूर्ण हैं, जो पीढ़ियों तक याद रहेंगे। इस समय महाकाल कुछ गलाई करने जा रहे हैं एवं कुछ ढलाई करने जा रहे हैं। बेकार की चीजों- बेकाम की चीजों की गलाई होने जा रही है। बेकार के आदमी एवं बेकार की परिस्थितियाँ सब गलने जा रही हैं। गल करके उनकी ढलाई होगी, नये पुर्जे बनने वाले हैं। नयी चीजें बनने वाली हैं। इन बीस वर्षों में बहुत ही जोरों के साथ गलाई एवं ढलाई का काम चलेगा। इतिहास इस बात को याद करेगा कि बीस वर्षों में सड़ी- गली व्यवस्थाएँ एवं व्यक्ति कैसे समाप्त हो गये और किस प्रकार नया प्रभात हुआ। अब नये व्यक्ति, नयी परम्पराएँ, नये चिन्तन उभर कर आयेंगे। अगले दिनों लोग यह सोचकर अचम्भा करेंगे कि इतने कम समय में इतना परिवर्तन कैसे हो गया। अगर इस समय को आप जान पायें, पहचान पायें तो हमारा ख्याल है कि आप सच्चे अर्थों में पुण्यवान बन सकते हैं। हमें महाकाल ने

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